संगीत और ज़िन्दगी – मैंने दिल से कहा

इरफ़ान सर की मौत को कई महीने हो गए हैं। बहुत से ऐसे वाकये होते हैं हमारे आसपास, जो हमें परत-दर-परत याद रह जाते हैं। इरफ़ान सर की मौत मेरे लिए कुछ वैसा ही है। उनके मौत से 1 दिन पहले मैंने उनकी हालत से जुड़ी खबर पढ़ी थी। मैंने मन में सोचा था जो इंसान कैंसर को हरा सकता है,...

Jungle, Aag, Chuhaa aur Ladayi – जंगल, आग, चूहा और लड़ाई – A short story in hindi

बातों का कोई दायरा नहीं होता। इंसान जहाँ तक जाता है, बातें वहाँ तक जाती है। इंसान का कोई दायरा है? खैर कहानी जानवरों और बातों की है। इंसान पर फिर किसी और दिन। होता ये है कि एक जंगल में आग लगती है। कहाँ, क्यों, कैसे, कब का पता चलता उससे पहले सारे जानवरों ने जंगल खाली...
शहर, खिड़की और मैं – Chapter 1

शहर, खिड़की और मैं – Chapter 1

ये दुनिया कुछ वक़्त के लिए जैसे बंद कर दी गई थी। सड़क, दुकान या दफ्तर, हर जगह शांत और वीरान हो चुके थे। इंसान घरों में बंद पड़ा था और सड़क पर जानवर घूम रहे थे। हम उन जानवरों को देख कर इतना खुश हुए कि बस ख़ुशी के कारण पागल नहीं हुए। पागलपन से थोड़ा कम और ख़ुशी से बहुत ज़्यादा...
अधूरापन और चाँद

अधूरापन और चाँद

कुछ चीज़ों को हम पूरा नहीं कर पाते, अधूरा ही छोड़ देते हैं । अधूरेपन में एक मज़ा है, सुकून है । अधूरेपन में एक तड़प है जो शायद किसी और चीज़ में नही है । कोई भी काम पूरा होने के बाद क्या होता है ? कुछ नही । किसी भी चीज़ का पूरा होना आखिरी पड़ाव होता है जिसके बाद कुछ नही बचता...