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थोड़ा late दोबारा । सोचने में ना थोड़ा वक़्त लगता है । लेकिन लोगों को मरने में वक़्त नहीं लगता, नहीं लग रहा । कुछ होता है फिर उसके बाद कुछ होता है और लोग मर जाते हैं । ज़िन्दगी बहुत आसान है, शायद । शायद इसलिए क्योंकि मुझे वो नहीं देखने को मिल रहा जो किसी को झेलना पड़ रहा है ।
कुछ लोग चलते हैं, चलना अच्छी बात है, है ना? हाँ, चलना तो अच्छी बात है । कुछ लोग चलते हैं और फिर चले जाते हैं (साँस रोकिये, दोबारा पढ़िए) । कुछ लोग मरते हैं रेल की पटरी पर और फिर होता है नंगा नाच । सरकार, पुलिस, मीडिया सब वहाँ पहुँचती है, अपने हिसाब से चीज़ें बटोरती है और घर चले जाती है । हर कहानी ऐसी ही होती है, आप सुनते हैं और फिर घर चले जाते हैं । अफ़सोस वो मरने वाले लोग कहानी तो बना गए मगर घर वापिस नहीं जा पाए ।
” घर से इतना दूर हो गया हूँ, शहर हो गया हूँ, मकान हो गया हूँ लेकिन चाह कर भी घर नहीं हो पाया “
तमाशा चल रहा है, तमाशा देखिये । ये भी देखिये ज़िन्दगी कितनी छोटी है । जब आप इस जगह को छोड़ कर जाएँगे तो क्या छोड़ कर जाएँगे ? बहुत कुछ छोड़ कर जाएँगे लेकिन आप रोटी छोड़ कर नहीं जाएँगे । रोटी छोड़ कर जाइएगा भी मत, हर किसी के नसीब में रोटी नहीं होती । हर किसी का अपना नसीब भी नहीं होता । कुछ लोग यहाँ पर कुछ भी नहीं होते । आप कुछ हैं? हाँ? मुबारक ।

3 Comments

  1. metali udyog

    Heart touching 🌼❤️

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  2. Prince Singh

    Deep❤️

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  3. Nakul

    Kaafi khoob

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