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कुछ चीज़ों को हम पूरा नहीं कर पाते, अधूरा ही छोड़ देते हैं । अधूरेपन में एक मज़ा है, सुकून है । अधूरेपन में एक तड़प है जो शायद किसी और चीज़ में नही है । कोई भी काम पूरा होने के बाद क्या होता है ? कुछ नही । किसी भी चीज़ का पूरा होना आखिरी पड़ाव होता है जिसके बाद कुछ नही बचता । लेकिन अधूरापन ऐसा नही होता, उसमे होती है एक बेचैनी । ये बेचैनी शायद उस काम को पूरा करने की ही होती है लेकिन होती तो है । बेचैनी भी ठीक ही है । वो कम से कम उम्मीद तो बना कर रखती है । उम्मीद तो एक बहुत बड़ी चीज़ है । उम्मीद पर तो दुनिया कायम है क्योंकि शायद दुनिया में हर चीज़ हर शख़्स अधूरा ही है ।
आप रोज़ रात को चाँद देखते होंगे । इस वक़्त तो इंसान कुछ भी देखता है और चूँकि हम सब इंसान है तो मन लेते हैं कि आप चाँद देखते हैं । चाँद महीने में सिर्फ एक रात के लिए पूरा होता है । बाँकी के दिन वो भी अधूरा ही होता है । ऐसा लगता है उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा या तो उसे रोज़ दिया नहीं जाता या छिपा लिया जाता है । वो हर रोज़ बिना उस हिस्से के अपने घर से बाहर निकल कर हमारे घर तक आ जाता है । हर रोज़ निकलने से पहले सारे ग्रह उसके पास आ कर उसे गले लगा कर कहते ज़रूर होंगे ‘ तुम बहुत मस्त काम करता है मक़सूद भाई ‘ । ये कह कर वो सब अपने रास्ते और हमारे चंदा मामा अपने रास्ते निकल जाते होंगे । कहने वाले तो कुछ भी कह सकते हैं । शायद ये भी कि ‘ You are an integral part of our organization ‘ जिसका मतलब होता है कि तुम काम करो लेकिन तुम्हारा एक बहुत बड़ा हिस्सा हम तुम्हे नहीं देंगे । चाँद भी शायद एक unpaid-intern ही है उसे भी उसकी मेहनत के लिए आधी-अधूरी चीज़ें पकड़ा दी जाती है । ये unpaid-intern वाली बात जो लोग जानते हैं वो जानते हैं ।
बहरहाल बात ये हैं कि चाँद अधूरा होता है करीब-करीब रोज़ ही अधूरा होता है । वो मान चूका है कि उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा उसे एक रोज़ के लिए ही मिलेगा । ये वो हिस्सा है जो उसको पूरा कर देता है । लेकिन वो उसका इंतज़ार नहीं करता । वो शांति से अपनी जगह पर घूमता रहता है और चला जाता है ।
आप भी चाँद बनिए अधूरेपन से मोहब्बत करिये । हर चीज़ को पूरा करने कि होड़ में मत लगिए । हर चीज़ को हर कोई पूरा नहीं कर सकता । हर चीज़ शायद पूरी होने के लिए बनी होती भी नहीं है । कुछ चीज़ों को हम कभी पूरा नहीं कर सकते । कुछ चीज़ें अधूरी ही खूबसूरत लगती है ।

11 Comments

  1. Deepika

    Beautiful Start 🙂

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    • Ramit

      ❤️

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    • Nanu

      Bhot hi khoob likha hai bhaiya ji ..

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  2. Amit Mishra

    Perfect❤️🖤🤗😘

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  3. Musafir

    Waah kya baat h !❤️

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  4. प्रवेश पांडेय

    प्रिय अंकित
    जीवन में ऐसे कई कार्य होते हैं, जिन्हें हम प्रारंभ तो बहुत ही उत्सुकता व उत्साह से करते हैं परंतु किन्ही ना किन्ही कारणवश उन्हें पूरा नहीं कर पाते और ऐसी चीजें अमूमन सभी के साथ होती है। मेरे साथ भी ऐसा कई बार हुआ है। अपने पूरे उत्साह के साथ मैंने चीजों को प्रारंभ किया परंतु किन्ही कारणवश उन्हें पूरा ना कर सका।
    आज तुम्हारा लेख पढ़कर कुछ अपनापन सा लगा ऐसे लगा जैसे इस लेख में मेरी ही बात हो रही हो।
    उम्मीद है भविष्य में इस वेबसाइट के माध्यम से और सुंदर लेख पढ़ने को मिलेंगे।

    अपनी वेबसाइट की शुरुआत करने के लिए तुम्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं तथा आशीर्वाद ईश्वर की कृपा तुम पर बनी रहे और तुम भविष्य में खूब तरक्की करो।

    आभार
    प्रवेश पांडेय

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  5. Himmy

    Bhot bdia bhai✌️💯

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  6. Ajay Kumar

    Tum bht acha kaam kr rhe ho maksud bhai…..You will become a paid intern very soon 😂😂

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  7. Vishal

    Very nice…deep indeed..

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  8. Priyanka Shruti

    Your words man.. i love the lines, let me tell you my fav lines….– आप रोज़ रात को चाँद देखते होंगे । इस वक़्त तो इंसान कुछ भी देखता है और चूँकि हम सब इंसान है तो मन लेते हैं कि आप चाँद देखते हैं । चाँद महीने में सिर्फ एक रात के लिए पूरा होता है । बाँकी के दिन वो भी अधूरा ही होता है । ऐसा लगता है उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा या तो उसे रोज़ दिया नहीं जाता या छिपा लिया जाता है.. truly felt it.

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  9. suraj

    wah wah

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